रांची CITY
पासवा का संकल्प: नशा मुक्त झारखंड के लिए जन-जन तक पहुंचेगा जागरूकता अभियान
दीपिका पाण्डेय सिंह के नेतृत्व में पासवा का नशा मुक्ति अभियान हुआ और तेज ; राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे बोले – नशा छोड़ें, अपना भविष्य और परिवार बचाएं
झझारखंड उत्कर्ष संवाददाता•

डॉ. रामेश्वर उरांव के संरक्षण में पासवा चला रहा नशे के खिलाफ जनआंदोलन
स्वस्थ युवा, सशक्त भारत: पासवा ने समाज से किया नशे के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान; आदित्य विक्रम जयसवाल
नशा मुक्त झारखंड अभियान में सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार है पासवा : आलोक कुमार दूबे
रांची। पब्लिक स्कूल्स एण्ड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन (पासवा) द्वारा "नशा मुक्त झारखंड – स्वस्थ युवा, सशक्त भारत" अभियान के तहत आज व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान का शुभारंभ झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री एवं पासवा की मुख्य संरक्षक श्रीमती दीपिका पाण्डेय सिंह द्वारा किया गया था। उसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए आज पासवा ने समाज के विभिन्न वर्गों, युवाओं, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया तथा नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया।
नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को कमजोर करता है। युवाओं को सही दिशा देना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और इसके लिए समाज के प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
पासवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे ने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि झारखंड को नशा मुक्त बनाने के लिए जनभागीदारी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों, महाविद्यालयों, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों के सहयोग से ही इस अभियान को जनआंदोलन का रूप दिया जा सकता है। पासवा आने वाले समय में राज्यभर में लगातार नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम, शपथ अभियान, पोस्टर अभियान और संवाद कार्यक्रम आयोजित करेगा।
आलोक कुमार दूबे ने मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन एवं झारखंड सरकार द्वारा नशा मुक्ति के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक आंदोलन बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार चाहे तो पासवा अपने राज्यव्यापी विद्यालय नेटवर्क, शिक्षकों, अभिभावकों एवं स्वयंसेवकों के माध्यम से नशा मुक्ति जागरूकता अभियान को हर गाँव, हर स्कूल और हर मोहल्ले तक पहुँचाने के लिए पूर्ण सहयोग देने को तैयार है। सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों से ही झारखंड को नशा मुक्त बनाया जा सकता है।
इस मौके पर आदित्य विक्रम जयसवाल ने कहा नशा युवाओं के सपनों और समाज के भविष्य का सबसे बड़ा दुश्मन है। प्रत्येक परिवार, विद्यालय और सामाजिक संगठन को इस अभियान का हिस्सा बनना होगा। पासवा का उद्देश्य नशा मुक्त झारखंड को जनआंदोलन बनाना है।
पासवा ने राज्य के सभी नागरिकों, विशेषकर युवाओं से भावुक अपील करते हुए कहा—
नशा छोड़िए, अपना भविष्य बचाइए।
अपने परिवार की मुस्कान बचाइए।
स्वस्थ जीवन अपनाइए और नशा मुक्त झारखंड के निर्माण में अपना योगदान दीजिए।
पासवा प्रवक्ता मेंहुल दूबे ने सभी स्कूलों, कॉलेजों, सामाजिक संगठनों और आम जनता से इस अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि आज हम नशे को 'ना' कहेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित, शिक्षित और समृद्ध भविष्य दे सकेंगे। यह संदेश राज्य में चल रहे व्यापक नशा मुक्ति प्रयासों के उद्देश्य के अनुरूप है, जिनका केंद्र युवाओं को नशे से दूर रखकर जागरूक समाज का निर्माण करना है।
नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को कमजोर करता है। युवाओं को सही दिशा देना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और इसके लिए समाज के प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
पासवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे ने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि झारखंड को नशा मुक्त बनाने के लिए जनभागीदारी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों, महाविद्यालयों, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों के सहयोग से ही इस अभियान को जनआंदोलन का रूप दिया जा सकता है। पासवा आने वाले समय में राज्यभर में लगातार नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम, शपथ अभियान, पोस्टर अभियान और संवाद कार्यक्रम आयोजित करेगा।
आलोक कुमार दूबे ने मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन एवं झारखंड सरकार द्वारा नशा मुक्ति के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक आंदोलन बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार चाहे तो पासवा अपने राज्यव्यापी विद्यालय नेटवर्क, शिक्षकों, अभिभावकों एवं स्वयंसेवकों के माध्यम से नशा मुक्ति जागरूकता अभियान को हर गाँव, हर स्कूल और हर मोहल्ले तक पहुँचाने के लिए पूर्ण सहयोग देने को तैयार है। सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों से ही झारखंड को नशा मुक्त बनाया जा सकता है।
इस मौके पर आदित्य विक्रम जयसवाल ने कहा नशा युवाओं के सपनों और समाज के भविष्य का सबसे बड़ा दुश्मन है। प्रत्येक परिवार, विद्यालय और सामाजिक संगठन को इस अभियान का हिस्सा बनना होगा। पासवा का उद्देश्य नशा मुक्त झारखंड को जनआंदोलन बनाना है।
पासवा ने राज्य के सभी नागरिकों, विशेषकर युवाओं से भावुक अपील करते हुए कहा—
नशा छोड़िए, अपना भविष्य बचाइए।
अपने परिवार की मुस्कान बचाइए।
स्वस्थ जीवन अपनाइए और नशा मुक्त झारखंड के निर्माण में अपना योगदान दीजिए।
पासवा प्रवक्ता मेंहुल दूबे ने सभी स्कूलों, कॉलेजों, सामाजिक संगठनों और आम जनता से इस अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि आज हम नशे को 'ना' कहेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित, शिक्षित और समृद्ध भविष्य दे सकेंगे। यह संदेश राज्य में चल रहे व्यापक नशा मुक्ति प्रयासों के उद्देश्य के अनुरूप है, जिनका केंद्र युवाओं को नशे से दूर रखकर जागरूक समाज का निर्माण करना है।