राज्य
बाबा मंदिर के दान पात्रों से निकले करीब 27 लाख रुपये
नेपाली मुद्रा और डॉलर भी शामिल
झझारखंड उत्कर्ष संवाददाता•



देवघर: बाबा मंदिर प्रांगण में स्थापित दान पात्रों में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित दान राशि की गणना मंगलवार को की गई. इस दौरान मंदिर परिसर में मौजूद 18 दान पात्रों को खोलकर उनमें जमा नकदी निकाली गई और जिला प्रशासन की निगरानी में प्रशासनिक भवन में उसकी गिनती कराई गई. गणना पूरी होने के बाद दान पात्रों से करीब 27 लाख रुपये प्राप्त होने की जानकारी दी गई. दान राशि की गिनती के दौरान भारतीय मुद्रा के अलावा 865 नेपाली करेंसी और दो अमेरिकी डॉलर भी मिले.
देवघर उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया के निर्देश पर मंदिर प्रबंधन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दान पात्रों को खोला और निकाली गई पूरी राशि को सुरक्षित रूप से प्रशासनिक भवन में पहुंचाया गया. मंदिर प्रबंधन के अनुसार जिला प्रशासन के निर्देश पर समय-समय पर दान पात्रों को खाली कर उनकी राशि की गणना की जाती है. प्राप्त धनराशि का उपयोग मंदिर के विकास कार्यों तथा विभिन्न सामाजिक कार्यों में किया जाता है. दान राशि की गणना प्रक्रिया में मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम मौजूद रहती है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से संपन्न हो सके.
बाबा बैद्यनाथ धाम में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं. यही कारण है कि दान पात्रों से समय-समय पर विदेशी मुद्राएं भी प्राप्त होती रहती हैं. आगामी श्रावणी मेले को देखते हुए भी दान पात्रों को खाली कराया गया है, क्योंकि सावन के दौरान प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं और बड़ी मात्रा में दान अर्पित करते हैं. इस राशि का उपयोग मेले से जुड़ी व्यवस्थाओं और विकास कार्यों में भी किया जाता है.
गौरतलब है कि देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख स्थान रखता है. हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं और मंदिर की समृद्ध धार्मिक परंपराओं से जुड़ते हैं.
देवघर उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया के निर्देश पर मंदिर प्रबंधन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दान पात्रों को खोला और निकाली गई पूरी राशि को सुरक्षित रूप से प्रशासनिक भवन में पहुंचाया गया. मंदिर प्रबंधन के अनुसार जिला प्रशासन के निर्देश पर समय-समय पर दान पात्रों को खाली कर उनकी राशि की गणना की जाती है. प्राप्त धनराशि का उपयोग मंदिर के विकास कार्यों तथा विभिन्न सामाजिक कार्यों में किया जाता है. दान राशि की गणना प्रक्रिया में मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम मौजूद रहती है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से संपन्न हो सके.
बाबा बैद्यनाथ धाम में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं. यही कारण है कि दान पात्रों से समय-समय पर विदेशी मुद्राएं भी प्राप्त होती रहती हैं. आगामी श्रावणी मेले को देखते हुए भी दान पात्रों को खाली कराया गया है, क्योंकि सावन के दौरान प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं और बड़ी मात्रा में दान अर्पित करते हैं. इस राशि का उपयोग मेले से जुड़ी व्यवस्थाओं और विकास कार्यों में भी किया जाता है.
गौरतलब है कि देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख स्थान रखता है. हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं और मंदिर की समृद्ध धार्मिक परंपराओं से जुड़ते हैं.