रांची CITY
बीआईटी मेसरा में 5 दिवसीय शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग प्रोग्राम (एसटीटीपी )का सफल समापन
झझारखंड उत्कर्ष संवाददाता•

रांची: बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान, मेसरा के प्रबंधन अध्ययन विभाग द्वारा आयोजित 5 दिवसीय शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग प्रोग्राम (STTP) “रिसर्च मेथडोलॉजी एंड एडवांस्ड टेक्नीक्स इन मल्टीवेरिएट एनालिसिस” का समापन आज वैलिडिक्टरी सत्र के साथ सफलतापूर्वक हुआ। कार्यक्रम के अंतिम दिन तीन विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए गए, जिनमें शोध पद्धति एवं मल्टीवेरिएट विश्लेषण की उन्नत तकनीकों पर विस्तृत चर्चा की गई।
प्रथम सत्र में झारखंड राय विश्वविद्यालय, रांची की डॉ. हरमीत कौर ने फैक्टर एनालिसिस में प्रयुक्त विभिन्न शब्दावलियों एवं अवधारणाओं को सरल एवं प्रभावी ढंग से समझाया। उन्होंने वास्तविक डेटा सेट्स के माध्यम से प्रतिभागियों को एक्सप्लोरेटरी फैक्टर एनालिसिस (EFA) की कार्यप्रणाली एवं उसके उपयोग को व्यावहारिक रूप से समझाया।
द्वितीय सत्र बीआईटी मेसरा की डॉ. टीना दत्ता द्वारा संचालित किया गया। उन्होंने SmartPLS का उपयोग करते हुए PLS-SEM पर अपना शोध कार्य प्रस्तुत किया तथा प्रतिभागियों को मल्टीवेरिएट डेटा विश्लेषण एवं शोध पत्रों में उसके प्रभावी प्रस्तुतीकरण की चरणबद्ध प्रक्रिया से अवगत कराया।
तृतीय सत्र बीआईटी मेसरा के डॉ. सोमनाथ मुखर्जी द्वारा लिया गया, जिसमें उन्होंने शोध में कॉन्सेप्चुअल फ्रेमवर्क तैयार करने की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विभिन्न केस स्टडी साझा करते हुए प्रतिभागियों को स्वयं कॉन्सेप्चुअल फ्रेमवर्क तैयार करने के लिए प्रेरित किया।
विशेषज्ञ सत्रों के उपरांत वैलिडिक्टरी सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें बीआईटी मेसरा के प्रबंधन अध्ययन विभागाध्यक्ष डॉ. संजय कुमार झा; डीन ऑफ फैकल्टी अफेयर्स (DOFA) डॉ. अशोक शेरॉन; एसोसिएट डीन, रिसर्च, इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप डॉ. आनंद प्रसाद सिन्हा; प्रबंधन अध्ययन विभाग के प्रोफेसर डॉ. कुमार संजय सावरनी; तथा सहायक प्राध्यापक डॉ. सोमनाथ मुखर्जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर के प्रबंधन विज्ञान विभाग के प्रोफेसर रघु नंदन सेनगुप्ता कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में डॉ. संजय कुमार झा, डॉ. अशोक शेरॉन एवं प्रोफेसर रघु नंदन सेनगुप्ता ने वर्तमान शैक्षणिक एवं व्यावसायिक परिवेश में शोध आधारित शिक्षण, विश्लेषणात्मक सोच, नवाचार एवं अंतर्विषयी सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला।
यह कार्यक्रम बीआईटी मेसरा के कुलपति प्रो. इंद्रनील मन्ना के मार्गदर्शन एवं संरक्षण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के सलाहकार मंडल में डॉ. संजय कुमार झा, विभागाध्यक्ष, प्रबंधन अध्ययन विभाग एवं डॉ. वंदना भट्टाचार्जी, विभागाध्यक्ष, क्वांटिटेटिव इकोनॉमिक्स एंड डेटा साइंसेज विभाग शामिल थे।
कार्यक्रम की आयोजन समिति में डॉ. सत्राजीत चौधरी आयोजन सचिव, डॉ. सैयद अनीस हैदर एवं डॉ. सुजाता प्रियंवदा दास समन्वयक, डॉ. प्रशांत कुमार सिंह एवं डॉ. प्रांजल कुमार संयोजक, तथा डॉ. सौमित्रो चक्रवर्ती एवं डॉ. उमेश प्रसाद आयोजन समिति सदस्य के रूप में शामिल थे। श्री उद्भव टोप्पो ने छात्र सदस्य के रूप में कार्यक्रम के सफल संचालन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
वैलिडिक्टरी सत्र में संकाय सदस्यों, आयोजन समिति के सदस्यों एवं विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमियों से आए प्रतिभागियों की सक्रिय उपस्थिति रही। कार्यक्रम के सफल समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
कार्यक्रम का समापन औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें सभी विशेषज्ञ वक्ताओं, प्रतिभागियों, आयोजन समिति के सदस्यों एवं सहयोगी कर्मचारियों के प्रति उनके महत्वपूर्ण योगदान हेतु आभार व्यक्त किया गया।
प्रथम सत्र में झारखंड राय विश्वविद्यालय, रांची की डॉ. हरमीत कौर ने फैक्टर एनालिसिस में प्रयुक्त विभिन्न शब्दावलियों एवं अवधारणाओं को सरल एवं प्रभावी ढंग से समझाया। उन्होंने वास्तविक डेटा सेट्स के माध्यम से प्रतिभागियों को एक्सप्लोरेटरी फैक्टर एनालिसिस (EFA) की कार्यप्रणाली एवं उसके उपयोग को व्यावहारिक रूप से समझाया।
द्वितीय सत्र बीआईटी मेसरा की डॉ. टीना दत्ता द्वारा संचालित किया गया। उन्होंने SmartPLS का उपयोग करते हुए PLS-SEM पर अपना शोध कार्य प्रस्तुत किया तथा प्रतिभागियों को मल्टीवेरिएट डेटा विश्लेषण एवं शोध पत्रों में उसके प्रभावी प्रस्तुतीकरण की चरणबद्ध प्रक्रिया से अवगत कराया।
तृतीय सत्र बीआईटी मेसरा के डॉ. सोमनाथ मुखर्जी द्वारा लिया गया, जिसमें उन्होंने शोध में कॉन्सेप्चुअल फ्रेमवर्क तैयार करने की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विभिन्न केस स्टडी साझा करते हुए प्रतिभागियों को स्वयं कॉन्सेप्चुअल फ्रेमवर्क तैयार करने के लिए प्रेरित किया।
विशेषज्ञ सत्रों के उपरांत वैलिडिक्टरी सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें बीआईटी मेसरा के प्रबंधन अध्ययन विभागाध्यक्ष डॉ. संजय कुमार झा; डीन ऑफ फैकल्टी अफेयर्स (DOFA) डॉ. अशोक शेरॉन; एसोसिएट डीन, रिसर्च, इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप डॉ. आनंद प्रसाद सिन्हा; प्रबंधन अध्ययन विभाग के प्रोफेसर डॉ. कुमार संजय सावरनी; तथा सहायक प्राध्यापक डॉ. सोमनाथ मुखर्जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर के प्रबंधन विज्ञान विभाग के प्रोफेसर रघु नंदन सेनगुप्ता कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में डॉ. संजय कुमार झा, डॉ. अशोक शेरॉन एवं प्रोफेसर रघु नंदन सेनगुप्ता ने वर्तमान शैक्षणिक एवं व्यावसायिक परिवेश में शोध आधारित शिक्षण, विश्लेषणात्मक सोच, नवाचार एवं अंतर्विषयी सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला।
यह कार्यक्रम बीआईटी मेसरा के कुलपति प्रो. इंद्रनील मन्ना के मार्गदर्शन एवं संरक्षण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के सलाहकार मंडल में डॉ. संजय कुमार झा, विभागाध्यक्ष, प्रबंधन अध्ययन विभाग एवं डॉ. वंदना भट्टाचार्जी, विभागाध्यक्ष, क्वांटिटेटिव इकोनॉमिक्स एंड डेटा साइंसेज विभाग शामिल थे।
कार्यक्रम की आयोजन समिति में डॉ. सत्राजीत चौधरी आयोजन सचिव, डॉ. सैयद अनीस हैदर एवं डॉ. सुजाता प्रियंवदा दास समन्वयक, डॉ. प्रशांत कुमार सिंह एवं डॉ. प्रांजल कुमार संयोजक, तथा डॉ. सौमित्रो चक्रवर्ती एवं डॉ. उमेश प्रसाद आयोजन समिति सदस्य के रूप में शामिल थे। श्री उद्भव टोप्पो ने छात्र सदस्य के रूप में कार्यक्रम के सफल संचालन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
वैलिडिक्टरी सत्र में संकाय सदस्यों, आयोजन समिति के सदस्यों एवं विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमियों से आए प्रतिभागियों की सक्रिय उपस्थिति रही। कार्यक्रम के सफल समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
कार्यक्रम का समापन औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें सभी विशेषज्ञ वक्ताओं, प्रतिभागियों, आयोजन समिति के सदस्यों एवं सहयोगी कर्मचारियों के प्रति उनके महत्वपूर्ण योगदान हेतु आभार व्यक्त किया गया।