धनबाद
धनबाद में पहली बार नेशनल आर्ट एग्जिबिशन, 65 पेंटिंग और 10 मूर्तियां बनीं आकर्षण का केंद्र
झझारखंड उत्कर्ष संवाददाता•

धनबाद। धनबाद में पहली बार राष्ट्रीय स्तर की आर्ट एग्जिबिशन का आयोजन किया गया है। राजेंद्र सरोवर स्थित जीवन ज्योति में आयोजित इस प्रदर्शनी में देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे कलाकारों ने अपनी बेहतरीन कलाकृतियों के जरिए कला, भावना और रचनात्मकता की अनूठी दुनिया सजा दी है। तीन दिनों तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में पेंटिंग और मूर्तिकला के साथ एक खास आकर्षण 'आर्ट स्टोरीटेलिंग' भी है, जहां लोग सिर्फ कलाकृतियों को देखेंगे ही नहीं, बल्कि उनके पीछे छिपी कहानी और कलाकार के संदेश को भी समझ सकेंगे।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर की। नेशनल आर्ट एग्जिबिशन का आयोजन गिल्ड ऑफ फाइन आर्ट आर्टिस्ट्स के सदस्य पिप्पा गोयल की पहल पर रोटरी क्लब, जीवन ज्योति संस्था और मेट्रो हार्ट फाउंडेशन के संयुक्त सहयोग से किया गया है।
मुख्य आयोजक आलोक रॉय ने बताया कि प्रदर्शनी में वाराणसी, हैदराबाद, कोलकाता, रांची और धनबाद सहित देश के अलग-अलग हिस्सों से कुल 21 कलाकार शामिल हुए हैं। यहां करीब 65 पेंटिंग और लगभग 10 मूर्तियां प्रदर्शित की गई हैं, जो कला प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
इस प्रदर्शनी की सबसे खास बात यह है कि यहां कला को सिर्फ प्रदर्शित नहीं किया जा रहा, बल्कि उसे समझाने की भी कोशिश की जा रही है। कोलकाता से पहुंचे स्टोरीटेलर कर्नल अभि दत्ता दर्शकों को पेंटिंग और कलाकृतियों के पीछे छिपी कहानी से रूबरू कराएंगे।
यानी कैनवास पर बनी हर रेखा, हर रंग और हर कंपोजिशन का क्या अर्थ है... कलाकार समाज को क्या संदेश देना चाहता है... और किसी एब्सट्रैक्ट पेंटिंग के पीछे कौन सी भावना छिपी है, इसे दर्शक कहानी के माध्यम से समझ सकेंगे।
तीन दिवसीय यह नेशनल आर्ट एग्जिबिशन 21 अगस्त से 23 अगस्त तक चलेगा। 22 अगस्त को बच्चों के लिए विशेष आर्ट वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा, जिसमें धनबाद के स्थानीय कलाकार विभिन्न स्कूलों के बच्चों को कला की बारीकियां सिखाएंगे और मार्गदर्शन देंगे।
वहीं प्रदर्शनी के अंतिम दिन जीवन ज्योति स्कूल के विशेष बच्चों के लिए कला प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि इस तरह के आयोजन से धनबाद के स्थानीय कलाकारों और उभरती प्रतिभाओं को एक नया मंच मिलेगा, साथ ही शहर में कला और संस्कृति के प्रति लोगों की रुचि भी बढ़ेगी।
धनबाद में पहली बार आयोजित यह नेशनल आर्ट एग्जिबिशन सिर्फ रंगों और आकृतियों की प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि कला को आम लोगों तक पहुंचाने की एक अनोखी पहल भी है। यहां दर्शक कलाकृतियों को सिर्फ देखेंगे नहीं, बल्कि उनके पीछे छिपे भाव, संदेश और कहानी को भी महसूस कर सकेंगे।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर की। नेशनल आर्ट एग्जिबिशन का आयोजन गिल्ड ऑफ फाइन आर्ट आर्टिस्ट्स के सदस्य पिप्पा गोयल की पहल पर रोटरी क्लब, जीवन ज्योति संस्था और मेट्रो हार्ट फाउंडेशन के संयुक्त सहयोग से किया गया है।
मुख्य आयोजक आलोक रॉय ने बताया कि प्रदर्शनी में वाराणसी, हैदराबाद, कोलकाता, रांची और धनबाद सहित देश के अलग-अलग हिस्सों से कुल 21 कलाकार शामिल हुए हैं। यहां करीब 65 पेंटिंग और लगभग 10 मूर्तियां प्रदर्शित की गई हैं, जो कला प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
इस प्रदर्शनी की सबसे खास बात यह है कि यहां कला को सिर्फ प्रदर्शित नहीं किया जा रहा, बल्कि उसे समझाने की भी कोशिश की जा रही है। कोलकाता से पहुंचे स्टोरीटेलर कर्नल अभि दत्ता दर्शकों को पेंटिंग और कलाकृतियों के पीछे छिपी कहानी से रूबरू कराएंगे।
यानी कैनवास पर बनी हर रेखा, हर रंग और हर कंपोजिशन का क्या अर्थ है... कलाकार समाज को क्या संदेश देना चाहता है... और किसी एब्सट्रैक्ट पेंटिंग के पीछे कौन सी भावना छिपी है, इसे दर्शक कहानी के माध्यम से समझ सकेंगे।
तीन दिवसीय यह नेशनल आर्ट एग्जिबिशन 21 अगस्त से 23 अगस्त तक चलेगा। 22 अगस्त को बच्चों के लिए विशेष आर्ट वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा, जिसमें धनबाद के स्थानीय कलाकार विभिन्न स्कूलों के बच्चों को कला की बारीकियां सिखाएंगे और मार्गदर्शन देंगे।
वहीं प्रदर्शनी के अंतिम दिन जीवन ज्योति स्कूल के विशेष बच्चों के लिए कला प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि इस तरह के आयोजन से धनबाद के स्थानीय कलाकारों और उभरती प्रतिभाओं को एक नया मंच मिलेगा, साथ ही शहर में कला और संस्कृति के प्रति लोगों की रुचि भी बढ़ेगी।
धनबाद में पहली बार आयोजित यह नेशनल आर्ट एग्जिबिशन सिर्फ रंगों और आकृतियों की प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि कला को आम लोगों तक पहुंचाने की एक अनोखी पहल भी है। यहां दर्शक कलाकृतियों को सिर्फ देखेंगे नहीं, बल्कि उनके पीछे छिपे भाव, संदेश और कहानी को भी महसूस कर सकेंगे।