उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल

बीएफसीएल में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न जागरूकता एवं साक्षरता शिविर आयोजित।

झारखंड उत्कर्ष संवाददाता
बीएफसीएल में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न  जागरूकता एवं साक्षरता शिविर आयोजित।  - header image
बीएफसीएल में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न जागरूकता एवं साक्षरता शिविर आयोजित।
रामगढ़। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा संचालित "90 दिवसीय जागरूकता एवं पहुँच अभियान (90 Days Awareness and Outreach Campaign)" के अंतर्गत, माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रामगढ़, श्री मो. तौफीकुल हसन के मार्गदर्शन में तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रामगढ़ के सचिव श्री अनिल कुमार सिंह के निर्देशन में बिहार फाउंड्री एंड कास्टिंग्स लिमिटेड (बीएफसीएल), रामगढ़ के एचएएसपी स्थित केंद्रीय प्रशिक्षण हॉल में 24 जुलाई को महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, प्रतिषेध एवं निवारण) अधिनियम, 2013 विषय पर विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों को महिलाओं के अधिकारों, सुरक्षित कार्यस्थल तथा अधिनियम के प्रावधानों के प्रति जागरूक करना था।कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रामगढ़ का प्रतिनिधित्व श्री सुजीत कुमार सिंह, मुख्य एलएडीसी ने किया। उन्होंने अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि प्रत्येक महिला को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं भयमुक्त कार्यस्थल उपलब्ध कराना प्रत्येक संस्थान की कानूनी एवं नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) की भूमिका, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया, महिलाओं के कानूनी अधिकारों तथा कार्यस्थल पर लैंगिक समानता एवं संवेदनशील व्यवहार के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस अवसर पर बीएफसीएल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा एवं गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा कार्यस्थल को सुरक्षित एवं समावेशी बनाए रखने का संकल्प लिया।बीएफसीएल प्रबंधन ने कहा कि कंपनी सभी कर्मचारियों के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक एवं सकारात्मक कार्य वातावरण सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम कर्मचारियों में कानूनी जानकारी बढ़ाने के साथ-साथ संगठन में समानता, पारदर्शिता एवं आपसी सम्मान की संस्कृति को और सुदृढ़ करते हैं।"सुरक्षित कार्यस्थल केवल कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।"