धनबाद
बाल विवाह, बाल तस्करी व डिजिटल हिंसा रोकने में पुलिस का मिलेगा हरसंभव सहयोग
झारखण्ड ग्रामीण विकास ट्रस्ट के प्रतिनिधिमंडल को मिला पूर्ण सहयोग का आश्वासन
झझारखंड उत्कर्ष संवाददाता•

कतरास। झारखण्ड ग्रामीण विकास ट्रस्ट एवं जस्ट राईट फॉर चिल्ड्रेन्स के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को कतरास थाना प्रभारी प्रवीन कुमार एवं महिला एवं बाल संरक्षण थाना प्रभारी सुरबाला भृंगराज से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने बाल संरक्षण, बाल विवाह, बाल तस्करी एवं डिजिटल हिंसा की रोकथाम को लेकर संस्था द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी तथा पुलिस से सहयोग की अपील की।
प्रतिनिधिमंडल ने बाल विवाह मुक्त भारत निर्माण, बाल तस्करी मुक्त जिला बनाने तथा बच्चों को डिजिटल हिंसा से सुरक्षित रखने के लिए चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों की जानकारी पुलिस अधिकारियों को दी। साथ ही बाल विवाह, बाल तस्करी, मिसिंग चाइल्ड एवं डिजिटल हिंसा से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई और बेहतर समन्वय का आग्रह किया।
कतरास थाना प्रभारी प्रवीन कुमार ने कहा कि बाल विवाह एवं बाल तस्करी समाज के लिए कोढ़ के समान हैं। बच्चों की सुरक्षा के लिए संस्था द्वारा किया जा रहा कार्य सराहनीय है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि ऐसे मामलों में थाना की ओर से हरसंभव सहयोग किया जाएगा।
वहीं महिला एवं बाल संरक्षण थाना प्रभारी सुरबाला भृंगराज ने कहा कि बाल विवाह मुक्त भारत निर्माण अभियान, बाल तस्करी मुक्त जिला बनाने तथा बच्चों को डिजिटल हिंसा से बचाने के प्रयासों में पुलिस की ओर से हरसंभव सहयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बाल विवाह, बाल तस्करी, मिसिंग चाइल्ड अथवा डिजिटल हिंसा से संबंधित किसी भी घटना की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
प्रतिनिधिमंडल में झारखण्ड ग्रामीण विकास ट्रस्ट की ट्रस्टी नेहा कुमारी, फील्ड कोऑर्डिनेटर दीपा रवानी, प्रियंका बेबी एवं पूजा कुमारी शामिल थीं।यह संस्करण समाचार-पत्र में भेजने के लिए उपयुक्त है।
प्रतिनिधिमंडल ने बाल विवाह मुक्त भारत निर्माण, बाल तस्करी मुक्त जिला बनाने तथा बच्चों को डिजिटल हिंसा से सुरक्षित रखने के लिए चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों की जानकारी पुलिस अधिकारियों को दी। साथ ही बाल विवाह, बाल तस्करी, मिसिंग चाइल्ड एवं डिजिटल हिंसा से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई और बेहतर समन्वय का आग्रह किया।
कतरास थाना प्रभारी प्रवीन कुमार ने कहा कि बाल विवाह एवं बाल तस्करी समाज के लिए कोढ़ के समान हैं। बच्चों की सुरक्षा के लिए संस्था द्वारा किया जा रहा कार्य सराहनीय है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि ऐसे मामलों में थाना की ओर से हरसंभव सहयोग किया जाएगा।
वहीं महिला एवं बाल संरक्षण थाना प्रभारी सुरबाला भृंगराज ने कहा कि बाल विवाह मुक्त भारत निर्माण अभियान, बाल तस्करी मुक्त जिला बनाने तथा बच्चों को डिजिटल हिंसा से बचाने के प्रयासों में पुलिस की ओर से हरसंभव सहयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बाल विवाह, बाल तस्करी, मिसिंग चाइल्ड अथवा डिजिटल हिंसा से संबंधित किसी भी घटना की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
प्रतिनिधिमंडल में झारखण्ड ग्रामीण विकास ट्रस्ट की ट्रस्टी नेहा कुमारी, फील्ड कोऑर्डिनेटर दीपा रवानी, प्रियंका बेबी एवं पूजा कुमारी शामिल थीं।यह संस्करण समाचार-पत्र में भेजने के लिए उपयुक्त है।