अंतर्राष्ट्रीय

नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की आशंका

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सतर्क रहने का दिया निर्देश

झारखंड उत्कर्ष संवाददाता
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नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की आशंका
गंडक नदी से जुड़े पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर एवं वैशाली सहित अन्य संवेदनशील जिलों में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहने का निर्देश a
पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को लोक सेवक आवास स्थित संकल्प' सभागार में नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति तथा गंडक नदी में अचानक जलप्रवाह बढ़ने की संभावना को देखते हुए उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने बिहार के संबंधित जिलों में विशेष सतर्कता बरतने तथा सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपाल में विकसित हो रही स्थिति को देखते हुए बिहार में संभावित प्रभाव वाले क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जाए। विशेषकर गंडक नदी से जुड़े पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर एवं वैशाली सहित अन्य संवेदनशील जिलों में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहे।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पूरी तरह अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नेपाल में बाढ़ के कारण आने वाले पानी की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए तथा संभावित प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी तटबंधों एवं बांधों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनकी लगातार निगरानी की जाए। तटबंधों की मजबूती सुनिश्चित करने के साथ-साथ किसी भी कमजोर हिस्से पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए।उन्होंने बांधों एवं तटबंधों पर रात में भी विशेष नाइट पेट्रोलिंग कराने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संवेदनशील एवं प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन द्वारा लाउडस्पीकर, माइक के माध्यम से लोगों को लगातार आवश्यक सूचना एवं संभावित खतरे की चेतावनी दी जाए ताकि समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीमें तैनात रखें। संबंधित जिला प्रशासन इन टीमों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यकतानुसार तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करें।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्थिति पर सतत् निगरानी रखी जाए तथा प्रशासनिक एवं तकनीकी टीमें पूरी तरह सक्रिय रहें। किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति में लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी और राहत एवं बचाव कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ चन्द्रशेखर सिंह सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।