संथाल परगना

नाबालिग आदिवासी युवती से मारपीट व आपत्तिजनक वीडियो बनाने का आरोप, पिता ने डीआईजी से लगाई न्याय की गुहार

झारखंड उत्कर्ष संवाददाता
नाबालिग आदिवासी युवती से मारपीट व आपत्तिजनक वीडियो बनाने का आरोप, पिता ने डीआईजी से लगाई न्याय की गुहार - header image
नाबालिग आदिवासी युवती से मारपीट व आपत्तिजनक वीडियो बनाने का आरोप, पिता ने डीआईजी से लगाई न्याय की गुहार


साहिबगंज: बोरियो थाना क्षेत्र के एक गांव में 17 वर्षीय नाबालिग आदिवासी युवती के साथ कथित तौर पर मारपीट, जबरन निर्वस्त्र करने और मोबाइल से वीडियो बनाए जाने का मामला सामने आया है। जहां मामले में पीड़िता के पिता ने संताल परगना प्रमंडल के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी), दुमका को लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराने और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
वही डीआईजी को दिए आवेदन में पिता ने आरोप लगाया है कि बीते दिनों 3 जून 2026 को गांव के ही कुछ लोग उनकी नाबालिग पुत्री को बहला फुसलाकर अपने साथ ले गए। वही आरोप है कि वहां उसके साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया गया और विरोध करने पर गाली गलौज एवं मारपीट की गई। उधर आवेदन के अनुसार, भीड़ में शामिल लोगों ने लाठी डंडे और लोहे की रॉड से मारपीट की तथा सार्वजनिक स्थान पर युवती के कपड़े उतार दिए। इसके बाद कुछ लोगों द्वारा मोबाइल फोन से वीडियो बनाए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
आगे पीड़िता के पिता का दावा है कि घटना में शामिल 17 लोगों की पहचान वह कर सकते हैं, जबकि अन्य आरोपियों को सामने आने पर पहचानने की बात आवेदन में कही गई है।

थाना स्तर पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप

वही आवेदन में पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया है कि घटना के संबंध में बोरियो थाना में लिखित शिकायत देने के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। जहां उनका आरोप है कि थाना के एक मुंशी के द्वारा बिना किसी अधिकारी के हस्ताक्षर के केवल थाना की मुहर लगी नोटिस तैयार कर आरोपियों को गांव में दिया गया और मामले में समझौते के लिए उन्हें थाना बुलाया गया।
वही आवेदन में थाना स्तर पर कथित तौर पर 30 हजार रुपए लेकर मामला समाप्त करने का दबाव बनाने का भी आरोप लगाया गया है। जहां पिता का कहना है कि विधिसम्मत कार्रवाई की मांग करने पर उनके और उनकी पुत्री के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार किया गया तथा उन्हें थाना से भेज दिया गया। इसके बाद लिट्टीपाड़ा थाना जाने की बात कही गई, लेकिन वहां भी प्राथमिकी दर्ज नहीं होने का आरोप लगाया गया है।

डीआईजी से निष्पक्ष जांच की मांग

उधर पीड़िता के पिता ने एक अन्य व्यक्ति पर कथित रूप से दलाली करने, थाना जाने से रोकने और मामला दर्ज नहीं कराने के लिए दबाव बनाने का भी आरोप लगाया है।
जहां उन्होंने डीआईजी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, प्राथमिकी दर्ज करने, आरोपित पुलिसकर्मियों एवं कथित बिचौलिये की भूमिका की जांच तथा पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जहां पुलिस जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही आरोपों की वास्तविकता एवं घटना के पूरे तथ्यों का स्पष्ट पता चल सकेगा।

साहिबगंज: बोरियो थाना क्षेत्र के एक गांव में 17 वर्षीय नाबालिग आदिवासी युवती के साथ कथित तौर पर मारपीट, जबरन निर्वस्त्र करने और मोबाइल से वीडियो बनाए जाने का मामला सामने आया है। जहां मामले में पीड़िता के पिता ने संताल परगना प्रमंडल के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी), दुमका को लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराने और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
वही डीआईजी को दिए आवेदन में पिता ने आरोप लगाया है कि बीते दिनों 3 जून 2026 को गांव के ही कुछ लोग उनकी नाबालिग पुत्री को बहला फुसलाकर अपने साथ ले गए। वही आरोप है कि वहां उसके साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया गया और विरोध करने पर गाली गलौज एवं मारपीट की गई। उधर आवेदन के अनुसार, भीड़ में शामिल लोगों ने लाठी डंडे और लोहे की रॉड से मारपीट की तथा सार्वजनिक स्थान पर युवती के कपड़े उतार दिए। इसके बाद कुछ लोगों द्वारा मोबाइल फोन से वीडियो बनाए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
आगे पीड़िता के पिता का दावा है कि घटना में शामिल 17 लोगों की पहचान वह कर सकते हैं, जबकि अन्य आरोपियों को सामने आने पर पहचानने की बात आवेदन में कही गई है।

थाना स्तर पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप

वही आवेदन में पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया है कि घटना के संबंध में बोरियो थाना में लिखित शिकायत देने के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। जहां उनका आरोप है कि थाना के एक मुंशी के द्वारा बिना किसी अधिकारी के हस्ताक्षर के केवल थाना की मुहर लगी नोटिस तैयार कर आरोपियों को गांव में दिया गया और मामले में समझौते के लिए उन्हें थाना बुलाया गया।
वही आवेदन में थाना स्तर पर कथित तौर पर 30 हजार रुपए लेकर मामला समाप्त करने का दबाव बनाने का भी आरोप लगाया गया है। जहां पिता का कहना है कि विधिसम्मत कार्रवाई की मांग करने पर उनके और उनकी पुत्री के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार किया गया तथा उन्हें थाना से भेज दिया गया। इसके बाद लिट्टीपाड़ा थाना जाने की बात कही गई, लेकिन वहां भी प्राथमिकी दर्ज नहीं होने का आरोप लगाया गया है।

डीआईजी से निष्पक्ष जांच की मांग

उधर पीड़िता के पिता ने एक अन्य व्यक्ति पर कथित रूप से दलाली करने, थाना जाने से रोकने और मामला दर्ज नहीं कराने के लिए दबाव बनाने का भी आरोप लगाया है।
जहां उन्होंने डीआईजी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, प्राथमिकी दर्ज करने, आरोपित पुलिसकर्मियों एवं कथित बिचौलिये की भूमिका की जांच तथा पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जहां पुलिस जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही आरोपों की वास्तविकता एवं घटना के पूरे तथ्यों का स्पष्ट पता चल सकेगा।