संथाल परगना

शिक्षक के स्थानांतरण आदेश के अनुपालन की मांग, ग्रामीणों ने उपायुक्त व जिला शिक्षा अधीक्षक को सौंपा आवेदन

झारखंड उत्कर्ष संवाददाता
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शिक्षक के स्थानांतरण आदेश के अनुपालन की मांग, ग्रामीणों ने उपायुक्त व जिला शिक्षा अधीक्षक को सौंपा आवेदन


राजमहल: प्रखंड क्षेत्र के डुमरी गांव के ग्रामीणों ने विवादित शिक्षक पंचानन मंडल के स्थानांतरण आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने और उन्हें दोबारा पूर्व विद्यालय में पदस्थापित नहीं करने की मांग को लेकर उपायुक्त एवं जिला शिक्षा अधीक्षक को लिखित आवेदन सौंपा है। जहां आवेदन सौंपने वालों में प्रदीप मंडल, अर्चना देवी, सोनिता देवी, राजेश मंडल, अजर कुमार, सरत पदक, पिंकी देवी, जिगयामा कुमारी, संतोष मंडल, कविता देवी, चंदना देवी, पंची देवी, सूरज कुमार मंडल, रेशमा कुमारी, अंजना देवी, राज कुमार समेत अन्य ग्रामीण शामिल हैं। उधर ग्रामीणों के अनुसार, शिक्षक पंचानन मंडल के विरुद्ध विद्यालय में कथित अनियमितता और मध्याह्न भोजन योजना के संचालन में गड़बड़ी को लेकर पूर्व में शिकायतें की गई थीं। ग्रामीणों की शिकायत के बाद प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, राजमहल के ज्ञापांक 389, दिनांक 3 अगस्त 2026 के आदेश के तहत पंचानन मंडल को उच्च प्राथमिक विद्यालय डुमरी से स्थानांतरित कर उच्च मध्य विद्यालय कन्हैयास्थान में पदस्थापित किया गया था।
वही ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानांतरण के बाद शिक्षक कुछ दिनों तक कन्हैयास्थान विद्यालय गए, लेकिन बाद में वहां जाना बंद कर दिया। इसके बाद उन्होंने पुनः डुमरी विद्यालय में पदस्थापन को लेकर पत्राचार किया। आगे ग्रामीणों का यह भी दावा है कि शिक्षक की ओर से गांव के कुछ लोगों से समर्थन में हस्ताक्षर कराए गए हैं, जबकि बड़ी संख्या में ग्रामीण उन्हें दोबारा डुमरी विद्यालय में पदस्थापित किए जाने के पक्ष में नहीं हैं। जहां ग्रामीणों ने शिक्षक की विद्यालय में नियमित उपस्थिति को लेकर भी सवाल उठाए हैं। वही उनका आरोप है कि शिक्षक का घर विद्यालय के समीप होने के कारण पूर्व में भी उनकी नियमित उपस्थिति को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। साथ ही साथ मध्याह्न भोजन योजना के संचालन में कथित अनियमितताओं की भी शिकायत किए जाने की बात कही गई है। जहां ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी द्वारा जारी स्थानांतरण आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने की मांग की है। वही उन्होंने कहा कि विद्यालय में बेहतर शैक्षणिक माहौल के लिए शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता जरूरी है। उधर ग्रामीणों ने उपायुक्त एवं जिला शिक्षा अधीक्षक से मामले में शीघ्र कार्रवाई करते हुए विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने का आग्रह किया है। हालांकि, ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित शिक्षक का पक्ष सामने आना बाकी है।