राज्य
जैक इंटरमीडिएट रिजल्ट: साइंस में लातेहार, कॉमर्स में सिमडेगा और आर्ट्स में गुमला अव्वल
रांची का प्रदर्शन औसत, विज्ञान में 18वां स्थान
झझारखंड उत्कर्ष संवाददाता•

रांची। झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) द्वारा बुधवार को जारी इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम में जिलेवार प्रदर्शन भी सामने आया है। इसमें साइंस, कॉमर्स और आर्ट्स तीनों संकायों में अलग-अलग जिलों ने शीर्ष स्थान हासिल किया है।
साइंस संकाय में लातेहार जिला 93.25 प्रतिशत परिणाम के साथ राज्य में पहले स्थान पर रहा। दूसरे स्थान पर गुमला जिला रहा, जहां 91.06 प्रतिशत छात्र सफल हुए, जबकि तीसरे स्थान पर कोडरमा जिला रहा, जिसका परिणाम 90.83 प्रतिशत दर्ज किया गया। कॉमर्स संकाय में सिमडेगा जिला 99.57 प्रतिशत के शानदार परिणाम के साथ पहले स्थान पर रहा। दूसरे स्थान पर दुमका जिला रहा, जहां 98.63 प्रतिशत रिजल्ट दर्ज किया गया। वहीं गुमला जिला 98.43 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रहा। आर्ट्स संकाय में गुमला जिला 99.52 प्रतिशत परिणाम के साथ राज्य में अव्वल रहा। दूसरे स्थान पर खूंटी जिला 99.46 प्रतिशत के साथ रहा, जबकि तीसरे स्थान पर सिमडेगा जिला 99.36 प्रतिशत परिणाम के साथ रहा। जैक के अनुसार, इस वर्ष राज्य में साइंस संकाय का कुल पास प्रतिशत 82.92 प्रतिशत रहा। वहीं कॉमर्स में 93.37 प्रतिशत और आर्ट्स में सबसे अधिक 96.14 प्रतिशत छात्र सफल हुए। इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के इस परिणाम में जिलों के बीच प्रतिस्पर्धा साफ दिखी। खासकर कॉमर्स और आर्ट्स में कई जिलों ने लगभग शत-प्रतिशत परिणाम देकर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम में रांची का प्रदर्शन औसत, विज्ञान में 18वां स्थान
झारखंड इंटरमीडिएट परीक्षा के घोषित परिणाम में रांची जिले का प्रदर्शन इस वर्ष अपेक्षाकृत कमजोर रहा है। समग्र रूप से जिले को औसत श्रेणी में रखा गया है, जबकि विज्ञान संकाय में रांची का स्थान गिरकर 18वें पायदान पर पहुंच गया है। आंकड़ों के अनुसार, विज्ञान संकाय में रांची जिले के 26.86 प्रतिशत छात्र असफल रहे, जो चिंता का विषय है। हालांकि अन्य संकायों में स्थिति कुछ बेहतर रही। वाणिज्य (कॉमर्स) में रांची 11वें स्थान पर रहा, जहां मात्र 4.07 प्रतिशत छात्र फेल हुए। वहीं कला (आर्ट्स) संकाय में जिला आठवें स्थान पर रहा और केवल 2.22 प्रतिशत छात्र असफल हुए, जो अपेक्षाकृत संतोषजनक प्रदर्शन को दर्शाता है। दूसरी ओर, राज्य के कई जिलों ने विज्ञान संकाय में बेहतर प्रदर्शन कर रांची को पीछे छोड़ दिया। पलामू जिला 90.16 प्रतिशत सफलता दर के साथ चौथे स्थान पर रहा। देवघर ने 88.33 प्रतिशत के साथ पांचवां स्थान प्राप्त किया, जबकि हजारीबाग 87.99 प्रतिशत के साथ छठे और गिरिडीह 87.49 प्रतिशत के साथ सातवें स्थान पर रहे।
दुमका जिला ने भी सराहनीय प्रदर्शन किया। यहां 86.80 प्रतिशत परिणाम के साथ आठवां स्थान और 84.80 प्रतिशत के साथ नौवां स्थान दर्ज किया गया। पश्चिमी सिंहभूम 84.82 प्रतिशत के साथ दसवें स्थान पर रहा। अन्य जिलों की बात करें तो धनबाद में 84.32 प्रतिशत, बोकारो में 84.27 प्रतिशत तथा रामगढ़ और चतरा दोनों में 82.21 प्रतिशत छात्र सफल रहे। जामताड़ा का परिणाम 78.31 प्रतिशत, साहेबगंज का 76.76 प्रतिशत, गढ़वा का 75.32 प्रतिशत और गोड्डा का 74.97 प्रतिशत रहा।
इसके अतिरिक्त लोहरदगा में 71.26 प्रतिशत, सरायकेला-खरसावां में 70.29 प्रतिशत, पूर्वी सिंहभूम में 69.58 प्रतिशत, पाकुड़ में 66.44 प्रतिशत तथा खूंटी में 61.73 प्रतिशत परिणाम दर्ज किया गया। सिमडेगा जिले का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा, जहां विज्ञान संकाय में केवल 58.49 प्रतिशत छात्र ही सफल हो सके।
कुल मिलाकर, इस वर्ष इंटरमीडिएट परीक्षा में रांची जिले का प्रदर्शन औसत रहा है, जबकि कई अन्य जिलों ने उत्कृष्ट परिणाम देकर अपनी स्थिति मजबूत की है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि रांची को आने वाले समय में अपने शैक्षणिक ढांचे, शिक्षण गुणवत्ता और परीक्षा तैयारी के स्तर में सुधार के लिए ठोस रणनीति अपनाने की आवश्यकता है।
साइंस संकाय में लातेहार जिला 93.25 प्रतिशत परिणाम के साथ राज्य में पहले स्थान पर रहा। दूसरे स्थान पर गुमला जिला रहा, जहां 91.06 प्रतिशत छात्र सफल हुए, जबकि तीसरे स्थान पर कोडरमा जिला रहा, जिसका परिणाम 90.83 प्रतिशत दर्ज किया गया। कॉमर्स संकाय में सिमडेगा जिला 99.57 प्रतिशत के शानदार परिणाम के साथ पहले स्थान पर रहा। दूसरे स्थान पर दुमका जिला रहा, जहां 98.63 प्रतिशत रिजल्ट दर्ज किया गया। वहीं गुमला जिला 98.43 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रहा। आर्ट्स संकाय में गुमला जिला 99.52 प्रतिशत परिणाम के साथ राज्य में अव्वल रहा। दूसरे स्थान पर खूंटी जिला 99.46 प्रतिशत के साथ रहा, जबकि तीसरे स्थान पर सिमडेगा जिला 99.36 प्रतिशत परिणाम के साथ रहा। जैक के अनुसार, इस वर्ष राज्य में साइंस संकाय का कुल पास प्रतिशत 82.92 प्रतिशत रहा। वहीं कॉमर्स में 93.37 प्रतिशत और आर्ट्स में सबसे अधिक 96.14 प्रतिशत छात्र सफल हुए। इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के इस परिणाम में जिलों के बीच प्रतिस्पर्धा साफ दिखी। खासकर कॉमर्स और आर्ट्स में कई जिलों ने लगभग शत-प्रतिशत परिणाम देकर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम में रांची का प्रदर्शन औसत, विज्ञान में 18वां स्थान
झारखंड इंटरमीडिएट परीक्षा के घोषित परिणाम में रांची जिले का प्रदर्शन इस वर्ष अपेक्षाकृत कमजोर रहा है। समग्र रूप से जिले को औसत श्रेणी में रखा गया है, जबकि विज्ञान संकाय में रांची का स्थान गिरकर 18वें पायदान पर पहुंच गया है। आंकड़ों के अनुसार, विज्ञान संकाय में रांची जिले के 26.86 प्रतिशत छात्र असफल रहे, जो चिंता का विषय है। हालांकि अन्य संकायों में स्थिति कुछ बेहतर रही। वाणिज्य (कॉमर्स) में रांची 11वें स्थान पर रहा, जहां मात्र 4.07 प्रतिशत छात्र फेल हुए। वहीं कला (आर्ट्स) संकाय में जिला आठवें स्थान पर रहा और केवल 2.22 प्रतिशत छात्र असफल हुए, जो अपेक्षाकृत संतोषजनक प्रदर्शन को दर्शाता है। दूसरी ओर, राज्य के कई जिलों ने विज्ञान संकाय में बेहतर प्रदर्शन कर रांची को पीछे छोड़ दिया। पलामू जिला 90.16 प्रतिशत सफलता दर के साथ चौथे स्थान पर रहा। देवघर ने 88.33 प्रतिशत के साथ पांचवां स्थान प्राप्त किया, जबकि हजारीबाग 87.99 प्रतिशत के साथ छठे और गिरिडीह 87.49 प्रतिशत के साथ सातवें स्थान पर रहे।
दुमका जिला ने भी सराहनीय प्रदर्शन किया। यहां 86.80 प्रतिशत परिणाम के साथ आठवां स्थान और 84.80 प्रतिशत के साथ नौवां स्थान दर्ज किया गया। पश्चिमी सिंहभूम 84.82 प्रतिशत के साथ दसवें स्थान पर रहा। अन्य जिलों की बात करें तो धनबाद में 84.32 प्रतिशत, बोकारो में 84.27 प्रतिशत तथा रामगढ़ और चतरा दोनों में 82.21 प्रतिशत छात्र सफल रहे। जामताड़ा का परिणाम 78.31 प्रतिशत, साहेबगंज का 76.76 प्रतिशत, गढ़वा का 75.32 प्रतिशत और गोड्डा का 74.97 प्रतिशत रहा।
इसके अतिरिक्त लोहरदगा में 71.26 प्रतिशत, सरायकेला-खरसावां में 70.29 प्रतिशत, पूर्वी सिंहभूम में 69.58 प्रतिशत, पाकुड़ में 66.44 प्रतिशत तथा खूंटी में 61.73 प्रतिशत परिणाम दर्ज किया गया। सिमडेगा जिले का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा, जहां विज्ञान संकाय में केवल 58.49 प्रतिशत छात्र ही सफल हो सके।
कुल मिलाकर, इस वर्ष इंटरमीडिएट परीक्षा में रांची जिले का प्रदर्शन औसत रहा है, जबकि कई अन्य जिलों ने उत्कृष्ट परिणाम देकर अपनी स्थिति मजबूत की है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि रांची को आने वाले समय में अपने शैक्षणिक ढांचे, शिक्षण गुणवत्ता और परीक्षा तैयारी के स्तर में सुधार के लिए ठोस रणनीति अपनाने की आवश्यकता है।