धनबाद

डैम सेफ्टी एक्ट के अनुपालन को लेकर मैथन के बोट घाटों का होगा स्थानांतरण

झारखंड उत्कर्ष संवाददाता
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डैम सेफ्टी एक्ट के अनुपालन को लेकर मैथन के बोट घाटों का होगा स्थानांतरण
एग्यारकुंड(बिजय सिंह)। दामोदर घाटी निगम, मैथन डैम प्रबंधन द्वारा डैम सेफ्टी एक्ट, 2021 के प्रावधानों के अनुपालन में झारखंड क्षेत्र स्थित सभी बोट घाटों को निर्धारित सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने संबंधी सूचना जारी की गई है। इस पहल का उद्देश्य डैम की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ पर्यटन एवं स्थानीय व्यवसाय को अधिक संगठित, सुरक्षित एवं सुविधाजनक स्वरूप प्रदान करना है।डीवीसी प्रबंधन ने बताया कि डैम सेफ्टी एक्ट, 2021 के अंतर्गत निर्धारित विनियमों के अनुसार किसी भी बांध से 500 मीटर की परिधि के भीतर निर्माण कार्य, बोट, नौका अथवा स्पीड बोट का संचालन प्रतिबंधित है। वर्तमान में मैथन डैम के झारखंड क्षेत्र में संचालित चार बोट घाट इस प्रतिबंधित दायरे के अंतर्गत आते हैं, जो अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप नहीं हैं।इस विषय पर पूर्व में डीवीसी प्रबंधन द्वारा उपायुक्त, धनबाद को पत्र प्रेषित कर स्थिति से अवगत कराया गया था। साथ ही डीवीसी मुख्यालय के निर्देशानुसार झारखंड क्षेत्र के वर्तमान बोट घाटों के स्थानांतरण के लिए नए स्थल का चयन एवं चिन्हांकन भी किया जा चुका है। डीवीसी प्रबंधन द्वारा सभी बोट घाट संचालकों के साथ सौहार्दपूर्ण बैठक आयोजित की गईं, जिसमें स्थानांतरण से संबंधित परिस्थितियों, संभावित चुनौतियों एवं भविष्य की सुविधाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान उन्हें प्रस्तावित नए बोट घाट स्थल का निरीक्षण भी कराया गया।प्रबंधन के अनुसार नया बोट घाट गोगना क्षेत्र में विकसित किया जाएगा,जिसे आधुनिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां बोट संचालन के अतिरिक्त पर्याप्त कार एवं बस पार्किंग क्षेत्र, दुकानों के लिए निर्धारित स्थान,सुलभ शौचालय, उच्च क्षमता वाली हाई-मास्ट लाइटें, व्यापक वृक्षारोपण,आकर्षक पुष्प उद्यान एवं हरित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे।इसके अतिरिक्त पर्यटकों की सुविधा के लिए आगमन एवं निर्गमन हेतु अलग-अलग मार्ग, दिशा-निर्देशक संकेतक (साइन बोर्ड) तथा रूट गाइडेंस की समुचित व्यवस्था की जाएगी।डीवीसी प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि पर्यटन सीजन के दौरान पर्यटकों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा,यातायात प्रबंधन एवं बुनियादी सुविधाओं की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, जिससे क्षेत्र का पर्यटन और अधिक आकर्षक एवं व्यवस्थित बन सके।इस अवसर पर प्रस्तावित नए बोट घाट का त्रि-आयामी (3-डी) मॉडल एवं डिजाइन बोट घाट संचालकों तथा मीडिया प्रतिनिधियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया तथा परियोजना की विस्तृत जानकारी साझा की गई। साथ ही बोट संचालन से संबंधित आवश्यक पंजीकरण एवं अन्य औपचारिक प्रक्रियाओं को पूर्ण करने का अनुरोध किया गया। डीवीसी प्रबंधन द्वारा नियमानुसार आवश्यक अनुमतियां प्रदान की जाएंगी।डीवीसी प्रबंधन ने कहा कि मैथन परियोजना का विकास केवल आधारभूत संरचना के विस्तार तक सीमित नहीं है,बल्कि स्थानीय नागरिकों की आजीविका, रोजगार एवं पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों को भी सुदृढ़ करना इसका प्रमुख उद्देश्य है। प्रबंधन ने मैथनवासियों एवं सभी हितधारकों से इस महत्वपूर्ण जनहितकारी पहल में सहयोग प्रदान करने की अपील करते हुए कहा कि यह कदम क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास, सुरक्षा एवं समृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।