धनबाद
टुंडी में प्रतिबंधित मांस पर भड़का बवाल, पुलिस की फायरिंग के बाद लगा निषेधाज्ञा
पथराव-लाठीचार्ज के बीच पुलिस ने तीनों को निकाला सुरक्षित
झझारखंड उत्कर्ष संवाददाता•

*हजारों की भीड़ ने आरोपितों को घर में घेरा,
*तनाव के बीच मोहनाद में शांति समिति की बैठक
टुंडी : टुंडी थाना क्षेत्र के बरवाटांड़ पंचायत अंतर्गत मोहनाद गांव मे उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जब गांव में प्रतिबंधित मांस मिलने की सूचना जंगल की आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते हजारों की संख्या में ग्रामीण स्थल पर उतर आए और आरोपितों के घर को चारों ओर से घेर लिया। हालात इतने विस्फोटक हो गए कि पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने के लिए फायरिंग और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। घटना के बाद पूरे इलाके में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है तथा गांव को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है। बताया जाता है कि गांव के एक तालाब किनारे संदिग्ध मांस फेंका हुआ मिला। सबसे पहले खेलने गए बच्चों की नजर उस पर पड़ी। कुछ ही देर में यह खबर पूरे गांव में फैल गई। ग्रामीणों के बीच मांस के गोवंश से जुड़े होने की चर्चा फैलते ही माहौल गर्म हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि सरफुद्दीन अंसारी के घर के पास भी मांस के अवशेष मिले थे, जिन्हें बाद में हटाने का प्रयास किया गया। इससे लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। इसी दौरान अशरफ अंसारी एक मालवाहक वाहन से अपने घर पहुंच रहा था। ग्रामीणों ने वाहन को रोककर जांच की। ग्रामीणों का दावा है कि वाहन में गोवंशीय पशु लदा था। इसके बाद भीड़ उग्र हो गई। अशरफ अंसारी एवं वाहन चालक मनव्वर अंसारी किसी तरह जान बचाकर घर के अंदर घुस गए। देखते ही देखते सैकड़ों लोग घर के बाहर जमा हो गए और आरोपितों को बाहर निकालने की मांग करने लगे। सूचना मिलते ही अंचल अधिकारी सुरेश प्रसाद वर्णवाल एवं थाना प्रभारी उमाशंकर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया और कहा कि यदि प्रतिबंधित पशु वध की पुष्टि होती है तो कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। लेकिन उग्र भीड़ एसएसपी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब और सदर अनुमंडल पदाधिकारी लोकेश बारंगे भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने रणनीति के तहत सरफुद्दीन अंसारी, अशरफ अंसारी और चालक मनव्वर अंसारी को घर से निकालकर हिरासत में लिया। इसी दौरान भीड़ ने पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया और आरोपितों को छुड़ाने की कोशिश की। हालात नियंत्रण से बाहर होते देख पुलिस को लाठीचार्ज और फायरिंग करनी पड़ी। भारी मशक्कत के बाद तीनों आरोपितों को सुरक्षित थाना पहुंचाया गया। थाना प्रभारी उमाशंकर ने बताया कि तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मामले की जांच जारी है। तनाव के बीच मोहनाद में शांति समिति की बैठक, प्रशासन ने की शांति बनाए रखने की अपील घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए आज शनिवार को प्रशासन की ओर से शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों एवं दोनों समुदायों के गणमान्य लोगों ने भाग लिया। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की। बैठक में मौजूद अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है तथा दोषियों के खिलाफ कानून सम्मत कार्रवाई की जाएगी। किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन ने लोगों से संयम बरतने, सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट साझा नहीं करने तथा शांति एवं भाईचारा कायम रखने में सहयोग करने का आग्रह किया। अधिकारियों ने बताया कि गांव की स्थिति पर प्रशासन की लगातार नजर बनी हुई है। मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों एवं दोनों समुदायों के गणमान्य समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया ।टुंडी में प्रतिबंधित मांस पर भड़का बवाल, पुलिस की फायरिंग के बाद लगा निषेधाज्ञा
हजारों की भीड़ ने आरोपितों को घर में घेरा, पथराव-लाठीचार्ज के बीच पुलिस ने तीनों को निकाला सुरक्षित
तनाव के बीच मोहनाद में शांति समिति की बैठक
(विवेकानंद तुरी)
टुंडी : टुंडी थाना क्षेत्र के बरवाटांड़ पंचायत अंतर्गत मोहनाद गांव मे उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जब गांव में प्रतिबंधित मांस मिलने की सूचना जंगल की आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते हजारों की संख्या में ग्रामीण स्थल पर उतर आए और आरोपितों के घर को चारों ओर से घेर लिया। हालात इतने विस्फोटक हो गए कि पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने के लिए फायरिंग और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। घटना के बाद पूरे इलाके में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है तथा गांव को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है। बताया जाता है कि गांव के एक तालाब किनारे संदिग्ध मांस फेंका हुआ मिला। सबसे पहले खेलने गए बच्चों की नजर उस पर पड़ी। कुछ ही देर में यह खबर पूरे गांव में फैल गई। ग्रामीणों के बीच मांस के गोवंश से जुड़े होने की चर्चा फैलते ही माहौल गर्म हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि सरफुद्दीन अंसारी के घर के पास भी मांस के अवशेष मिले थे, जिन्हें बाद में हटाने का प्रयास किया गया। इससे लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। इसी दौरान अशरफ अंसारी एक मालवाहक वाहन से अपने घर पहुंच रहा था। ग्रामीणों ने वाहन को रोककर जांच की। ग्रामीणों का दावा है कि वाहन में गोवंशीय पशु लदा था। इसके बाद भीड़ उग्र हो गई। अशरफ अंसारी एवं वाहन चालक मनव्वर अंसारी किसी तरह जान बचाकर घर के अंदर घुस गए। देखते ही देखते सैकड़ों लोग घर के बाहर जमा हो गए और आरोपितों को बाहर निकालने की मांग करने लगे। सूचना मिलते ही अंचल अधिकारी सुरेश प्रसाद वर्णवाल एवं थाना प्रभारी उमाशंकर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया और कहा कि यदि प्रतिबंधित पशु वध की पुष्टि होती है तो कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। लेकिन उग्र भीड़ एसएसपी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब और सदर अनुमंडल पदाधिकारी लोकेश बारंगे भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने रणनीति के तहत सरफुद्दीन अंसारी, अशरफ अंसारी और चालक मनव्वर अंसारी को घर से निकालकर हिरासत में लिया। इसी दौरान भीड़ ने पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया और आरोपितों को छुड़ाने की कोशिश की। हालात नियंत्रण से बाहर होते देख पुलिस को लाठीचार्ज और फायरिंग करनी पड़ी। भारी मशक्कत के बाद तीनों आरोपितों को सुरक्षित थाना पहुंचाया गया। थाना प्रभारी उमाशंकर ने बताया कि तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मामले की जांच जारी है। तनाव के बीच मोहनाद में शांति समिति की बैठक, प्रशासन ने की शांति बनाए रखने की अपील घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए आज शनिवार को प्रशासन की ओर से शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों एवं दोनों समुदायों के गणमान्य लोगों ने भाग लिया। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की। बैठक में मौजूद अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है तथा दोषियों के खिलाफ कानून सम्मत कार्रवाई की जाएगी। किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन ने लोगों से संयम बरतने, सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट साझा नहीं करने तथा शांति एवं भाईचारा कायम रखने में सहयोग करने का आग्रह किया। अधिकारियों ने बताया कि गांव की स्थिति पर प्रशासन की लगातार नजर बनी हुई है। मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों एवं दोनों समुदायों के गणमान्य समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया ।टुंडी में प्रतिबंधित मांस पर भड़का बवाल, पुलिस की फायरिंग के बाद लगा निषेधाज्ञा
हजारों की भीड़ ने आरोपितों को घर में घेरा, पथराव-लाठीचार्ज के बीच पुलिस ने तीनों को निकाला सुरक्षित
तनाव के बीच मोहनाद में शांति समिति की बैठक
(विवेकानंद तुरी)
टुंडी : टुंडी थाना क्षेत्र के बरवाटांड़ पंचायत अंतर्गत मोहनाद गांव मे उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जब गांव में प्रतिबंधित मांस मिलने की सूचना जंगल की आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते हजारों की संख्या में ग्रामीण स्थल पर उतर आए और आरोपितों के घर को चारों ओर से घेर लिया। हालात इतने विस्फोटक हो गए कि पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने के लिए फायरिंग और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। घटना के बाद पूरे इलाके में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है तथा गांव को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है। बताया जाता है कि गांव के एक तालाब किनारे संदिग्ध मांस फेंका हुआ मिला। सबसे पहले खेलने गए बच्चों की नजर उस पर पड़ी। कुछ ही देर में यह खबर पूरे गांव में फैल गई। ग्रामीणों के बीच मांस के गोवंश से जुड़े होने की चर्चा फैलते ही माहौल गर्म हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि सरफुद्दीन अंसारी के घर के पास भी मांस के अवशेष मिले थे, जिन्हें बाद में हटाने का प्रयास किया गया। इससे लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। इसी दौरान अशरफ अंसारी एक मालवाहक वाहन से अपने घर पहुंच रहा था। ग्रामीणों ने वाहन को रोककर जांच की। ग्रामीणों का दावा है कि वाहन में गोवंशीय पशु लदा था। इसके बाद भीड़ उग्र हो गई। अशरफ अंसारी एवं वाहन चालक मनव्वर अंसारी किसी तरह जान बचाकर घर के अंदर घुस गए। देखते ही देखते सैकड़ों लोग घर के बाहर जमा हो गए और आरोपितों को बाहर निकालने की मांग करने लगे। सूचना मिलते ही अंचल अधिकारी सुरेश प्रसाद वर्णवाल एवं थाना प्रभारी उमाशंकर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया और कहा कि यदि प्रतिबंधित पशु वध की पुष्टि होती है तो कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। लेकिन उग्र भीड़ एसएसपी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब और सदर अनुमंडल पदाधिकारी लोकेश बारंगे भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने रणनीति के तहत सरफुद्दीन अंसारी, अशरफ अंसारी और चालक मनव्वर अंसारी को घर से निकालकर हिरासत में लिया। इसी दौरान भीड़ ने पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया और आरोपितों को छुड़ाने की कोशिश की। हालात नियंत्रण से बाहर होते देख पुलिस को लाठीचार्ज और फायरिंग करनी पड़ी। भारी मशक्कत के बाद तीनों आरोपितों को सुरक्षित थाना पहुंचाया गया। थाना प्रभारी उमाशंकर ने बताया कि तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मामले की जांच जारी है। तनाव के बीच मोहनाद में शांति समिति की बैठक, प्रशासन ने की शांति बनाए रखने की अपील घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए आज शनिवार को प्रशासन की ओर से शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों एवं दोनों समुदायों के गणमान्य लोगों ने भाग लिया। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की। बैठक में मौजूद अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है तथा दोषियों के खिलाफ कानून सम्मत कार्रवाई की जाएगी। किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन ने लोगों से संयम बरतने, सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट साझा नहीं करने तथा शांति एवं भाईचारा कायम रखने में सहयोग करने का आग्रह किया। अधिकारियों ने बताया कि गांव की स्थिति पर प्रशासन की लगातार नजर बनी हुई है। मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों एवं दोनों समुदायों के गणमान्य समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया ।
हजारों की भीड़ ने आरोपितों को घर में घेरा, पथराव-लाठीचार्ज के बीच पुलिस ने तीनों को निकाला सुरक्षित
तनाव के बीच मोहनाद में शांति समिति की बैठक
(विवेकानंद तुरी)
टुंडी : टुंडी थाना क्षेत्र के बरवाटांड़ पंचायत अंतर्गत मोहनाद गांव मे उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जब गांव में प्रतिबंधित मांस मिलने की सूचना जंगल की आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते हजारों की संख्या में ग्रामीण स्थल पर उतर आए और आरोपितों के घर को चारों ओर से घेर लिया। हालात इतने विस्फोटक हो गए कि पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने के लिए फायरिंग और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। घटना के बाद पूरे इलाके में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है तथा गांव को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है। बताया जाता है कि गांव के एक तालाब किनारे संदिग्ध मांस फेंका हुआ मिला। सबसे पहले खेलने गए बच्चों की नजर उस पर पड़ी। कुछ ही देर में यह खबर पूरे गांव में फैल गई। ग्रामीणों के बीच मांस के गोवंश से जुड़े होने की चर्चा फैलते ही माहौल गर्म हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि सरफुद्दीन अंसारी के घर के पास भी मांस के अवशेष मिले थे, जिन्हें बाद में हटाने का प्रयास किया गया। इससे लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। इसी दौरान अशरफ अंसारी एक मालवाहक वाहन से अपने घर पहुंच रहा था। ग्रामीणों ने वाहन को रोककर जांच की। ग्रामीणों का दावा है कि वाहन में गोवंशीय पशु लदा था। इसके बाद भीड़ उग्र हो गई। अशरफ अंसारी एवं वाहन चालक मनव्वर अंसारी किसी तरह जान बचाकर घर के अंदर घुस गए। देखते ही देखते सैकड़ों लोग घर के बाहर जमा हो गए और आरोपितों को बाहर निकालने की मांग करने लगे। सूचना मिलते ही अंचल अधिकारी सुरेश प्रसाद वर्णवाल एवं थाना प्रभारी उमाशंकर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया और कहा कि यदि प्रतिबंधित पशु वध की पुष्टि होती है तो कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। लेकिन उग्र भीड़ एसएसपी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब और सदर अनुमंडल पदाधिकारी लोकेश बारंगे भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने रणनीति के तहत सरफुद्दीन अंसारी, अशरफ अंसारी और चालक मनव्वर अंसारी को घर से निकालकर हिरासत में लिया। इसी दौरान भीड़ ने पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया और आरोपितों को छुड़ाने की कोशिश की। हालात नियंत्रण से बाहर होते देख पुलिस को लाठीचार्ज और फायरिंग करनी पड़ी। भारी मशक्कत के बाद तीनों आरोपितों को सुरक्षित थाना पहुंचाया गया। थाना प्रभारी उमाशंकर ने बताया कि तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मामले की जांच जारी है। तनाव के बीच मोहनाद में शांति समिति की बैठक, प्रशासन ने की शांति बनाए रखने की अपील घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए आज शनिवार को प्रशासन की ओर से शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों एवं दोनों समुदायों के गणमान्य लोगों ने भाग लिया। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की। बैठक में मौजूद अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है तथा दोषियों के खिलाफ कानून सम्मत कार्रवाई की जाएगी। किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन ने लोगों से संयम बरतने, सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट साझा नहीं करने तथा शांति एवं भाईचारा कायम रखने में सहयोग करने का आग्रह किया। अधिकारियों ने बताया कि गांव की स्थिति पर प्रशासन की लगातार नजर बनी हुई है। मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों एवं दोनों समुदायों के गणमान्य समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया ।टुंडी में प्रतिबंधित मांस पर भड़का बवाल, पुलिस की फायरिंग के बाद लगा निषेधाज्ञा
हजारों की भीड़ ने आरोपितों को घर में घेरा, पथराव-लाठीचार्ज के बीच पुलिस ने तीनों को निकाला सुरक्षित
तनाव के बीच मोहनाद में शांति समिति की बैठक
(विवेकानंद तुरी)
टुंडी : टुंडी थाना क्षेत्र के बरवाटांड़ पंचायत अंतर्गत मोहनाद गांव मे उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जब गांव में प्रतिबंधित मांस मिलने की सूचना जंगल की आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते हजारों की संख्या में ग्रामीण स्थल पर उतर आए और आरोपितों के घर को चारों ओर से घेर लिया। हालात इतने विस्फोटक हो गए कि पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने के लिए फायरिंग और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। घटना के बाद पूरे इलाके में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है तथा गांव को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है। बताया जाता है कि गांव के एक तालाब किनारे संदिग्ध मांस फेंका हुआ मिला। सबसे पहले खेलने गए बच्चों की नजर उस पर पड़ी। कुछ ही देर में यह खबर पूरे गांव में फैल गई। ग्रामीणों के बीच मांस के गोवंश से जुड़े होने की चर्चा फैलते ही माहौल गर्म हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि सरफुद्दीन अंसारी के घर के पास भी मांस के अवशेष मिले थे, जिन्हें बाद में हटाने का प्रयास किया गया। इससे लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। इसी दौरान अशरफ अंसारी एक मालवाहक वाहन से अपने घर पहुंच रहा था। ग्रामीणों ने वाहन को रोककर जांच की। ग्रामीणों का दावा है कि वाहन में गोवंशीय पशु लदा था। इसके बाद भीड़ उग्र हो गई। अशरफ अंसारी एवं वाहन चालक मनव्वर अंसारी किसी तरह जान बचाकर घर के अंदर घुस गए। देखते ही देखते सैकड़ों लोग घर के बाहर जमा हो गए और आरोपितों को बाहर निकालने की मांग करने लगे। सूचना मिलते ही अंचल अधिकारी सुरेश प्रसाद वर्णवाल एवं थाना प्रभारी उमाशंकर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया और कहा कि यदि प्रतिबंधित पशु वध की पुष्टि होती है तो कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। लेकिन उग्र भीड़ एसएसपी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब और सदर अनुमंडल पदाधिकारी लोकेश बारंगे भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने रणनीति के तहत सरफुद्दीन अंसारी, अशरफ अंसारी और चालक मनव्वर अंसारी को घर से निकालकर हिरासत में लिया। इसी दौरान भीड़ ने पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया और आरोपितों को छुड़ाने की कोशिश की। हालात नियंत्रण से बाहर होते देख पुलिस को लाठीचार्ज और फायरिंग करनी पड़ी। भारी मशक्कत के बाद तीनों आरोपितों को सुरक्षित थाना पहुंचाया गया। थाना प्रभारी उमाशंकर ने बताया कि तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मामले की जांच जारी है। तनाव के बीच मोहनाद में शांति समिति की बैठक, प्रशासन ने की शांति बनाए रखने की अपील घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए आज शनिवार को प्रशासन की ओर से शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों एवं दोनों समुदायों के गणमान्य लोगों ने भाग लिया। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की। बैठक में मौजूद अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है तथा दोषियों के खिलाफ कानून सम्मत कार्रवाई की जाएगी। किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन ने लोगों से संयम बरतने, सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट साझा नहीं करने तथा शांति एवं भाईचारा कायम रखने में सहयोग करने का आग्रह किया। अधिकारियों ने बताया कि गांव की स्थिति पर प्रशासन की लगातार नजर बनी हुई है। मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों एवं दोनों समुदायों के गणमान्य समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया ।